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Civil Services (Main)
Examination- 2025 SLPM-C-MTLI
मैथिली / MAITHILI
( अनिवार्य ) / (Compulsory )
निर्धारित समय : तीन घंटे अधिकतम अंक : 300
Time Allowed : Three Hours Maximum Marks : 300
प्रश्नपत्र विषयक विशेष निर्देश
प्रश्नक उत्तर लिखबासै पूर्व देल गेल निर्देशकेँ ध्यानपूर्वक पढ़ :
सभ प्रश्न अनिवार्य अछि |
प्रत्येक प्रश्न/भागक अंक ओकरा सामने अंकित अलि |
उत्तर मैथिली (देवनागरी लिपि) में लिखू, जाधारि कि રને कोनो दोसर निर्देश नहि છે /
प्रश्नमे शब्दक என்க ध्यान राखू, अधिक না कम शब्दमे उत्तर लिखला पर अंक काटल जा सकैत अलि |
प्रश्न-सह-उत्तर पुस्तिकामे रिक्त छोड़ल स्थानके स्पष्ट રૂ૪ अवश्य काटि दी |
Question Paper Specific Instructions
Please read each of the following instructions carefully before attempting
questions:
All questions are to be attempted.
The number of marks carried by a question /part is indicated against it.
Answers must be written in MAITHILI (Devanagari script) unless otherwise directed in the
question.
Word limit in questions, wherever specified, should be adhered to and if answered in much
longer or shorter than the prescribed length, marks may be deducted.
Any page or portion of the page left blank in the Question-cum-Answer Booklet must be
clearly struck off:
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(౧1. निम्नलिखितमे सँ कोनो एक शीर्षक पर 600 (୭3୩ सेए) ਗਟਟਸੇ निवन्ध लिख्: 100
ഭു भारतीय ज्ञान परम्पराक प्रासंगिकता
0) વિશ્વયુદ્ધ गहराइत संकट
(6) डिजिटल भुगतानक लाभ
(0) खेलमे भारतीय महिलाक ਕਫ੍ਰੈਰ सहभागिता
92. निम्नलिखित गद्यांशकें ध्यानपूर्वक पढि ओकर आधारपर नीचाँ देल गेल प्रश्नक उत्तर स्पष्ट, सही
आर संक्षेपमे लिख् : 12x5=60
जैव वैविध्य विश्वक जीवित प्रजातिक विविधता थिक, जाहिमे आनुवंशिक वैविध्य आओर
ओकरा द्वारा निर्मित पारिस्थितिक तंत्रक समुदाय सम्मिलित अछि | आइ जीवनक ই विविधता गम्भीर
संकटसँ जूझि रहल अछि | वैज्ञानिक एहि बातपर सहमत छथि जे उष्णकटिबंधीय वनक क्षति आओर
अस्थिरताक वर्तमान दरपर अगिला चौथाइ शतीक अवधिमे प्रति दशक पाँचसँ दस प्रतिशत उष्णकटिबंधीय
वन्य-प्रजाति विनष्ट भए जाएत ।
विलुप्त होएबाक संकट उष्णकटिबंधीय वन धरि सीमित नहि अछि | नदी सभक अवरुद्ध होएबा
आओर विदेशी प्रजाति सभक अएलासँ मिठ जलक प्राकृतिक भंडार सभमे नाटकीय रूपसँ परिवर्तन आबि
रहल अछि | महासागरीय द्वीप, जतए कतेको हजार वर्षमे अधिकांश विलुप्त भेल अछि; पृथ्वीपर सभसँ बेसी
संकटग्रस्त पारिस्थितिकी तत्रमे एक अछि |
विविध प्रजाति आओर आनुवंशिक वैविध्यक क्षति, प्राकृतिक वास एवं पारिस्थितिकीय तन्त्रक
எனக मूल्य वर्तमान आओर भावी पुस्तक चुकबए पड़तैक | आइ लुप्तप्राय प्रजाति सभक मूलमे अज्ञात
खाद्य, चिकित्सा आओर एकर औद्योगिक उपयोग अछि । पारिस्थितिकीय तन्त्र मानव जनसंख्याक संरक्षणक
क्षमता नष्ट कए रहल अछि; आओर ओकर क्षरण माटिक कटाओ, जलाशय सभक प्रदूषण, स्थानीय
जलवायुक परिवर्तन, मरुस्थलीकरण एवं उत्पादकतामे हाससँ अत्यधिक मूल्य चुकबए पड़ि रहल अछि |
जैविक संसाधन सभक मूल्यकैँ निर्धारित கள लेल तीन मुख्य दृष्टिकोणक उपयोग कएल गेल
अछि । उपभोग-उपयोग मूल्यांकनक अन्तर्गत जारनि, चारा, शिकार कएल गेल मासु - सन संसाधनक
मूल्यक आकलन करब सम्मिलित अछि, जकर उपयोग बिनु बाजारक होइत अछि । उत्पादक-उपयोग
मूल्यांकनमे ओहि उत्पाद सभक मूल्यक आकलन करब सम्मिलित अछि, जकरा वाणिज्यिक दृष्टिसँ काटल
आओर बेचल जाइत अछि, जेना - काठ, माछ, मासु, मधु आओर औषधीय वनस्पति इत्यादि । बिनु
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उपभोक्ता-उपयोग मूल्यांकनमे पारिस्थितिकीय எனக कार्य, जेना - जल संचय ளை संरक्षण,
प्रकाश-संश्लेषण, जलवायु विनियमन आओर मृदा उत्पादनक प्रत्यक्ष मूल्यक आकलन करब सम्मिलित
अछि संगहि, एहि बातक सन्तोष अछि जे किछु प्रजाति बचल अछि |
પ્રાય: नीति-निर्मातालोकनि उत्पादक-उपयोग मूल्यक बेसी प्रशंसा करैत छथि, किएक तँ ओ
वानिकी, मत्स्यपालन - सन पैघ-पैघ उद्योगसँ सम्बद्ध आओर जे व्यापारसँ सम्बद्ध होएबाक कारणें राष्ट्रीय
आयमे परिलक्षित होइत अछि |
(a) जैव विविधतासँ की तात्पर्य अछि ? 22
(0) विलुप्ता संकट' की अछि? 22
(૦) प्रजाति सभक आओर आनुवंशिक विविधताक क्षतिसँ की संकट उत्पन्न होइत अलि? 22
(त) बिनु उपभोग-उपयोग मूल्यांकनक आशय स्पष्ट करू | 22
(e)
नीति-निर्मातालोकनि द्वारा कोन मूल्यांकनक सभसँ बेसी प्रशंसा कएल जाइत अछि आओर
किएक ? 12
৭৪. निम्नलिखित अनुच्छेदक सारांश प्राय: एक-तेहाइ शब्दमे लिखू । एकर शीर्षक लिखबाक
आवश्यकता नहि | सारांश अपनहि शब्दमे लिखू | 60
ਗੀ हम जानए चाहैत છો जे प्रसन्नता की अछि तँ हमरा एकरा कोनो काल्पनिक जगतसँ नहि, अपितु
समृद्ध সী पूर्ण रूपसँ नीक जीवन जीवि रहल मनुष्य सभक मध्य ताकए पड़त | जौँ वास्तवमे, अहाँ एक प्रसन्न
வக देखैत છી तँ देखब ગે সী नाओ बना रहल अछि, स्वर-रचना कए रहल अछि, अपन પત્ર पढ़ा
रहल अछि, अपन फुलबाड़ीमे सुन्दर पुष्प उगा रहल अछि इत्यादि | ओ प्रसन्नताकॅ கண काल प्राप्त
होबएबला दुर्लभ वस्तुक रूपमे नहि ताकत; ओकरा ई ज्ञात होएत जे সী दिन-रातिक चौबीसो घंटाक
उपयोगक क्रममे प्रसन्न अछि |
केओ व्यक्ति एहन कार्यमे प्रसन्न नहि रहि सकैत अछि जे पूर्णतया ओकर अपन व्यक्तित्वपर केन्द्रित
ଆଃ आओर केवल ओकर अपन तात्कालिक आवश्यकता सभक पूर्तिसँ सम्बद्ध होइक | एही प्रकार केओ
व्यक्ति एहन सामाजिक تو पूर्णतया प्रसन्न नहि रहि எக்க जे केवल स्वयंपर आओर ओकर सीमित
सरोकार एवं संकीर्ण सीमा सभक धरि केन्द्रित होइक । प्रसन्नताक प्राप्ति लेल हमरा ओकरासँ स्वयं बाहर
ताकए पड़त |
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जौँ अहाँ केवल स्वयं लेल जीवित છી तँ अहाँ सदिखन अपन विचार आओर रुचि सभक आवृत्तिक
मत्यु-सदृश उबि कए तात्कालिक संकटमे रहैत છી । अत्यधिक मानवीय प्रसन्नताक ணாக एक अवसरक
चयन करू आओर स्वयंकॅ ओकरासँ सम्बद्ध തി | केओ व्यक्ति ताबत धरि जीबाक अर्थ नहि ول
सकैछ यावत् धरि ओ स्वयंक अहंकेँ अपन संगी मनुष्यलोकनिक सेवामे समर्पित नहि कए देत | जौँ अहाँकैँ
अपन महत्त्वाकांक्षापर गर्व अछि तँ एकर लक्ष्य सभक मानसिक सूची बनाउ | स्वयंके पुछू जे की अहाँ ओहि
वैयक्तिक लक्ष्य सभकेँ प्राप्त करए चाहैत છી आओर प्रसन्न रहबाक अवसर सभकेँ त्याग करए चाहैत છી
अथवा जे अहाँ प्रसन्न रहब पसिन्न જોત છી आओर अपन अहं अर्जित प्रतिष्ठाकैँ त्यागए चाहैत છી ?
जेलोकनि अत्यधिक प्रसन्नता आओर अधिक सफलता चाहैत छथि हुनका लेल जीवन केवल एक
दर्शन भए सकैत अछि; रचनात्मक परोपकारिताक दर्शन | एक वास्तविक प्रसन्न व्यक्ति सदिखन संघर्षरत
आशावादी होइत अछि | आशावादक अन्तर्गत केवल परोपकारिता नहि, बल्कि सामाजिक दायित्व,
सामाजिक साहस आओर वस्तुनिष्ठता सेहो सम्मिलित अछि । एहि श्रेणीमे आबएबला पुरुष आओर
महिलालोकनि ओ छथि जे जीवनकै दृढ्तासँ स्वीकार જોત छथि; वयस्कलोकनि जकाँ वास्तविकताक सोझाँ
करैत छथि; संकटक सामना धैयेक संग करैत छथि; ज्ञानक करुणाक संग जोड़ैत छथि; अपन जीवनके
उत्साहक संग हास्य भावनासँ सम्बद्ध कौत छथि - एक शब्दमे ਕਲ੍ਹ तँ ओलोकनि पूर्ण मनुष्य छथि । श्रेष्ठ
जीवन सतत परोपकारक क्रियाशील दर्शनक माङ कैत अछि | جج सन्तोषप्रद जीवन अछि आओर मनुष्य
होइतो प्रसन्न रहबाक एकमात्र मार्ग अछि ।
प्रसन्नताक तत्व एतेक सरल अछि जे ओकरा हाथक आँगुर पर गनल जा सकैत अछि । प्रसन्नता
अन्दरसँ AIS आओर सरल भलमनसाहत तथा स्वच्छ अन्तरात्मापर आधृत अछि | धर्म एकरा लेल ततेक
आवश्यक नहि, मुदा ककरो नैतिक सिद्धान्त सभपर आधारित दर्शनक बिनु एकरा प्राप्त करबा लेल नहि
जानल जाइत अछि | स्वार्थ एकर शत्रु अछि | दोसरक प्रसन्नतामे स्वयंक आनन्द अछि | ই भीड़मे પેઘ अवधि
धरि प्रायशः एखनो पाओल जाइत अछि; एकान्त एवं चिन्तनक क्षणमे एकरा सरलतासँ प्राप्त कएल जा
सकैत अछि; एकरा कीनल नहि जा सकैछ; वास्तवमे, पाइसँ एकरा बहुत कम लेन-देन अछि ।
केओ व्यक्ति यावत् प्रसन्न नहि भए सकैछ আনন ओ स्वयंमे यथोचित रूपसँ सन्तुष्ट नहि हो, ਹੈਂ
शान्तिक प्रयत्न अनिवार्य रूपसँ आत्म-परीक्षणसँ आरम्भ होएबाक चाही । करबा लेल बहुत किछु अछि,
मुदा भेल बहुत कम अछि | तथापि एहि गहन आत्म-विश्लेषणपर ओहि गुण सभक अन्वेषण निर्भर करैत
अछि, जे प्रत्येक व्यक्तिकेँ अद्वितीय बनबैत अछि आओर जकर विकासेसँ सन्तुष्टि भेटि सकैत अछि | तँ जौँ
ककरो सुख-प्राप्ति लेल कोनो कार्यक्रम बनएबाक होइ तँ ओ होएत - सीमित साधन सभमे सन्तुष्ट रहब;
विलासिताक स्थानपर शिष्टताक अन्वेषण करब; बाह्याडम्बरक स्थानपर परिष्करणक अन्वेषण करब; योग्य
करब; कठोर अध्ययन करब; शान्तिसँ चिन्तन करब; मिठ बाजब; स्पष्ट रूपसँ कार्य करब, नक्षत्र सभ, पक्षी
सभ, बच्चा सभ आओर कऋषिलोकनिकेँ उदार मनसँ सुनब, सभ किछु प्रसन्नतापूर्वक सहन, सब কিন্তু
साहसपूर्वक करब, कखनो शीघ्रता नहि करब आओर आध्यात्मिक, अनपेक्षित एवं अचेतनकेँ सामान्य
जीवनक बीच विकसित होअए देब । ई ध्यान रखबाक चाही कि कोनो सरकार ई अहाँ लेल नहि कए सकैछ;
अहक ई अपना लेल स्वयं करबाक होएत |
(616 शब्द)
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९५.
निम्नलिखित गद्यांशकॅ अंगरेजीमे अनुवाद करू :
सम्पूर्ण विश्वमे आदंकवाद मानवता लेल सभसँ पैघ संकट बनि गेल अछि | अमेरिका, भारत
इजराइल इत्यादि देश आदंकवादक घेरासँ निकलबा लेल संघर्ष कए रहल अछि, मुदा ई ससरफानी निरन्तर
कसिते जा रहल अछि | हेमनिए अख़बारमे मुख्य पृष्ठपर मोट-मोट अक्षरमे आदंकवादी सभक घृणित करतूत
प्रकाशित होइत रहैत अछि | दिनक आरम्भ एही प्रकारक भयानक खबरिसँ होइत अछि | नहि जानि कतेको
भोलाभालाकेँ ई लोकनि अपन स्वार्थक बलि चढ़ा दैत अछि |
स्वतन्त्रताक নাই কিন্তু गोटे विदेशी शक्तिक उकसएबापर भारतमे आदंकवादक बीजारोपण જણ देने
छल | ओकर ୩୮୭ आब सम्पूर्ण देशमे एहि ×7 पसरि गेल अछि जे स्थिति अत्यन्त शोचनीय भए गेल
अछि | कश्मीरमे आदंकवाद अपन भयानक रूपमे विद्यमान अछि | ओतएक मूल निवासी आब शरणार्थी
लोकनिक जकाँ रहि रहल छथि | ओतए सभ दिन भय व्याप्त रहैछ ગે नहि जानि आइ की होएत ? केवल
कश्मीरे नहि, अपितु असम, बंगाल, नागालैंड इत्यादि प्रदेश aud आदंकवादीलोकनि आदंक पसारि कए
रखने अछि | एहि सभ प्रदेशमे कानून व्यवस्था चुनौतीपूर्ण भए चुकल अछि । सेना एवं पुलिस एहि समस्याकैँ
देशसं दूर करा लेल जान-प्राणसं जुटल अछि | என்னக் दूर करबा लेल सरकार कतेको उपाय HU रहल
अछि, मुदा जनसाधारणक सहयोगक सेहो आवश्यकता अछि | জী सभ अपन निजी, धार्मिक स्वार्थ सभ
आओर प्रांतीयताकेँ त्यागि कए भारतवासी बनि कए रहथि तँ ई समस्या सदैव लेल समाप्त भए जाएत | केओ
नीक लोक दोसरकें क्षति नहि कए ache, किएक तँ आदंकवाद पशुता ہ | सभ 734 एकमत एवं
संगठित भए कए एहि சனக विश्वसँ समाप्त करबामे सहयोग देबाक चाही तथा विश्वमे शान्ति आओर
[047 भावनाकेँ स्थापित करबाक चाही | எள்ள आओर समाज प्रगतिक दिस पूर्ण रूपसँ अग्रसर भए
सकत |
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Q5.
निम्नलिखित गद्यांशकें मैथिलीमे अनुवाद करू :
Healthy children are an essential component of an effective education
system. Good health reduces absenteeism and dropouts and increases
scholastic performance. An effective school health programme is one of the
most cost-effective approaches in improving community health. School health
activities contribute to healthy lifestyles, thus leading to a healthy future
generation. School children also communicate the health-related information
gained in schools to their families and neighbourhood, contributing to
improved family and community health. The functions of school health
services include detection and treatment of defects, creation and
maintenance of hygienic environment in and around the school, provision of
school meals, and improvement of nutritional status of children. This may be
further enlarged to include health check-ups and immunisation campaigns.
20
(a) निम्नलिखित शब्दक पर्यायवाची शब्द लिखू : 2x5=10
6) आदित्य 2
Gi) महादेव 2
(1) વૃષ્ટિ 2
(૪) सुरसरि 2
(૪) सरस्वती 2
00) निम्नलिखित अनेक शब्द লিল एक शब्द लिख्: 2x5=10
0) जे विषय विचार लेल छोडि देल गेल हो 2
(ఫు जकर उल्लेख कएल जा सकए 2
യ जे सभ ठाम व्याप्त हो 2
Gv) जे आत्मासँ सम्बद्ध हो 2
(૪) 6 2
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(6) निम्नलिखित लोकोक्तिकें वाक्यमे प्रयोग करैत तात्पर्य स्पष्ट करू : 2x5=10
0) खस्सीके जान जाए; खेबैयाकें सुआदे नहि | 2
യ खेत खाए لہ मुह ୪୮୩୮ पड्रूके !
(10 चलय ने आबय तँ अडना !
(iv) जरए जौड़ ऐंठन न जर!
യ गरा પોઢી चाल दै, रोहुक सिर विषाय !
੧੦ ୦ ১৩ ১৬
(ત) निम्नलिखित शब्दके वाक्यमे प्रयोग करैत अर्थ स्पष्ट करू: 2x5=10
(ઊં) अक्कत 2
ദ अखोर-बखोर
(1) अगतीया
Gv) अगधैनी
(४) अगब
৬ ୦ ¢ ୯୦
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