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Civil Services (Main)
Examination- 2025
SLPM-D-MTLI
मैथिली
प्रश्न -पत्र जा
( साहित्य )
निर्धारित समय : तीन घण्टे अधिकतम अंक : 250
प्रश्न-पत्र विषयक विशेष निर्देश
( प्रश्नक उत्तर लिखबासँ पूर्व कृपया निम्नलिखित निर्देशकै सावधानीपूर्वक पढि লিঅ )
एतय ટૂ खण्ड (Section)a विभक्त कुल आठ प्रश्न अछि।
अभ्यर्थी कुल पाँच प्रश्नक उत्तर देथि।
प्रश्न संख्या 1 तथा प्रश्न संख्या 5 अनिवार्य अछि। शेष प्रश्नमेसँ कोनो तीन க उत्तर लिखू, जाहिमे प्रत्येक खण्ड (5600ं077)सँ
- कम-सँ-कम एक प्रश्नक चयन आवश्यक अछि।
प्रश्न/खण्डक निर्धारित अंक ओकरा समक्ष निर्दिष्ट कयल गेल अछि।
उत्तर मैथिली (देवनागरी लिपि)मे लिखब अनिवार्य अछि।
जतय निर्दिष्ट हो, शब्द-सीमाक अनुपालन अपेक्षित अछि।
उत्तरित प्रश्नक गणना क्रमानुसार कयल जायत। यदि काटल नहि गेल हो, तँ अंशतः लिखित उत्तरक गणना सेहो कयल जायत।
प्रश्न-सह-उत्तर पुस्तिकाक कोनो रिक्त पृष्ठ अथवा कोनो पृष्ठक रिक्त ளாக अवश्य काटि दी।
MAITHILI
PAPER-II
( LITERATURE )
Time Allowed : Three Hours Maximum Marks : 250
QUESTION PAPER SPECIFIC INSTRUCTIONS
( Please read each of the following instructions carefully
before attempting questions )
There are EIGHT questions divided in TWO Sections.
Candidate has to attempt FIVE questions in all.
Question Nos. 1 and 5 are compulsory and out of the remaining, THREE are to be
attempted choosing at least ONE from each Section.
The number of marks carried by a question/part is indicated against it.
Answers must be written in MAITHILI (Devanagari script).
Word limit in questions, wherever specified, should be adhered to.
Attempts of questions shall be counted in sequential order. Unless struck off, attempt of a
question shall be counted even if attempted partly. Any page or portion of the page left
blank in the Question-cum-Answer Booklet must be clearly struck off.
SLPM-D-MTLI/19 1 0९78;
SECTION—A
1. प्रत्येक प्रश्न अनिवार्य अछि। काव्य-वैशिष्ट्यकै निर्दिष्ट करैत निम्नलिखित अवतरणक सप्रसंग व्याख्या करू, जाहिमे भाव
स्पष्ट रहए (उत्तर अधिकतम 150 शब्दमे दातव्य) : 10x5=50
(૦) अनल अनिल बम मलअज बीख।
जे छल सीतल से भेल तीख॥
चान्द सन्ताबए सविताहु जीनि।
नहि जीवन एकमत भेल तीनि॥
fag उपचार ন मानए आन।
एहि बेआधि अधिक पचवान॥
(b) सत्य ध्येय, शिव समाधेय, सौन्दर्य साधना।
जीवन काव्यादर्श प्रकृत रस गुण उपासना ॥
साध्य-साधनक पावनता, तन-मनक प्रवणता।
सत्य તથા ഞ്ഞ് अर्थक सिद्धि सफलता ||
(c) ணக दशमुण्ड-पर कर खर नखर प्रहार।
ककरा कहब केओ नहि मानुष, नहि कारुणिक चिन्हार॥
रक्षा करथि अरक्षित जनकाँ केवल धर्म उदार।
कठिन विषय विष নিম नहि भेटय, खड्ग ন लग तिष-धार॥
शिव शिव जीव-घात वर मानल, धिक जीवन संसार।
(व) नग्न वर्तमान केर समस्त सम्बोधन।
आधुनिक संचेतनाक समग्र 7۴۱
देशसँ, समाजसँ
जीवनक यथार्थसँ
ई अछि प्रतिबद्ध
अपन अस्मितासँ शत-शत सम्पृक्त
प्रत्येक समस्यासँ लड्वाक लेल सक्रिय
निर्भय, ایت
(e) “देवि विषम-विषमय नागिनि हिअ मोर
বহাল, अछि सन्तप्त विकल मम प्राण।
औषध विषक ओएह विष अछि जग एक
पुनि gf नागिनि-दंशहि बाँचत प्राण ॥
नागिनि ಔತಾ તુઝ पोसल दृध पिआए।”
व्यंग्य-कथा सुनि अनुजक विस्मित-चित्त॥
2. (0 “तातल सैकत वारि बिन्दु सम
सुत मित रमनि समाजे,
तोहे बिसारि মন নাই समापलुँ
अब ਸਭ हब જોત જાગે!”
एहि पद्यांश आ सन्दर्भित पूर्ण पदक आधार पर महाकवि विद्यापतिक मनोदशाकेँ भावार्थक संग स्पष्ट करू। 20
SLPM-D-MTLI/19 2
“नागर कृष्ण ओ रसवति-नागरि राधा नित-नूतन छथि।'' गोविन्ददास भजनावलीसँ पठित पदक आधार पर एहि رم
कथनकें पुष्ठ करू। 15
(0) “मान व्यक्तित्वक बचत नहि जा न राष्ट्रक মান ୪୮୮୮ | '
सुरेन्द्र झा 'सुमन'क कविता “जा रहल छी'क आधार पर एहि கக் पुष्टि करैत स्पष्ट करू जे कवि एहि सन्दर्भ आर
की सभ कहए चाहैत छथि। 15
3. (૦) 'दत्त-वती' महाकाव्यक दोसर सर्गक आधार पर भारतीय गुरुकुल परम्पराक वैशिष्ट्यसँ परिचय कराउ। 20
(8) उत्थान ओ पतन, संघर्ष ओ कोलाहल, विषाद ओ अन्तर्वेदना, अप्लावित जीवनक क्टुमधु यथार्थ, व्यंग्यात्मक
11१1 &
सामर्थ्य एवं प्रभावशाली सम्वादर्स॑ भरल अछि ई মিথিলা भाषा रामायण'।” 'सुन्दरकाण्ड'क आधार पर एहि
उक्ति स्पष्ट करू। 15
( कृष्णजन्म महाकान्यमे वर्णित मिथिलाक सांस्कृतिक उपादानरकँ स्पष्ट करू। 15
4. മു ளர் यात्री' शब्दचित्र द्वारा समकालीन परिस्थिति, व्यक्ति ओ मिथिलाक नारी समस्याक विमर्शक व्यग्यात्मक
रूप प्रस्तुत ہے ட் एहि उक्तिक समीक्षा கவி 20
(૭) ““"कीचक-वध' महाकाव्य द्रौपदीमे आत्मविश्वास जागब आ एक बहादुर महिलाक भूमिकामे उतरब, कथा-प्रसंगक
मूल -भूत तत्त्व थिक।'' प्रमाणित करू। 15
ര ''लालदासक “रमेश्वर चरित मिथिला रामायण" मैथिली रामकाव्यक परम्परामे अत्यन्त महत्त्वपूर्ण रचना अछि।”
"बालकाण्ड'क आधार पर جج काव्य -सौष्ठवक विवेचन करू। 15
SECTION—B
5. निम्नलिखित अवतरणक सप्रसंग व्याख्या करू, जाहिमे भाव स्पष्ट रहए (उत्तर अधिकतम 150 शब्दमे दातव्य) :
10x5=50
(a) Wed વૈદ્યો एक प्रकारक महादेवे होइ छथि। हुनके जकाँ எனக प्रेमी। बूटीक எனி बेहाल। हुनका कंठमे विष
ہو हिनका पुडियामे વિષ रहैत Sel दूनू, हर वा संहारकर्ता।
മു என पर कोनो काज नहि करताह। खयबाक ठीक নহি, सुतबाक ठीक नहि। ‘Ber’ चौपट भेल जाइत छनि.....
जे आदमी என पर बासा नहि घुरत என पर खायत-पीयत नहि से बीमार किएक नहि হেল?
(0 ஊண் धरती जोतनिहारक थिक। हरबाह धिक जे என்க असल बेटा थिक। जँ अपन पसेनासँ धरती -माताकेँ: ఇతే
अछि। कय दिन देखलहक अछि मालिकर्कै अपन पसेनासँ धरती-माताक पूजा करैत?
सीनता glen दुर्गप्रवेश व्यसन परीहार आत्मरक्षा म [-] त्रगोपन राजश्यता भृत्यभरण उपजाप सेना प्रचार देशरक्षा رم
बलाबलज्ञा षसश्चय व्यूहरचना ब्यूहप्रवेश ब्यूहभंग संशय विचारादि चारासिउ ये राजनीति ताक तत्चज्ञ।
(9) एक दिस स्वर्णसागरमे डूब देबए लेल चलि जाइत भुवन-भास्कर আ’ दोसर दिस क्षितिज कोरसँ उपर उठैत
पूर्णणासीक चान। सौझामे कोनो गौरसँ प्रणयरत مت वृषभ।
SLPM-D-MTLI/19 3 ۲۶:7:
6. (a)
(b)
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(b)
(6)
“'राजकमलक ೫೫೫ सभसँ पैघ विशेषता ई अछि जे सब कथामे राजकमल स्वयं रहितहि छथि।”
“कृति राजकमलक'सँ पठित جج आधार पर एहि कथनक समीक्षा करू।
૮૮૮
पृथ्वीपुत्र' उपन्यासमे یع मिश्र आ बिजलीक संबंधकै बियाह धरि लऽ ગેવાજ साहस ललित नहि कऽ
सकलाह। ई سم सम्मान छल कि प्रगतिशीलताक समकालीन 1 एहि कथनक समीक्षा करू।
“ધારત चाहक ரி नाटकक संवाद योजना नाटकक सफलताक मूलमे अछि।” एहि கக் स्पष्ट करू।
जीवनक यथार्थक व्यवहारिक सत्यक साहित्यिक दस्तावेजक रूपमे हरिमोहन झाक पाँच ঘন’ कथाक جج
प्रतिपादन करू।
“वर्णरत्नाकर જ द्वितीय कल्लोलक आधार पर मैथिलीक भाषिक विकासक्रमक جج रूपमे "वर्णरत्नाकर'क भाषा पर
टिप्पणी लिखू।
૮૮૮
'लोरिक विजय' गाथा पर शैव-बौद्ध جو" अमिट प्रभाव छैक।'' एहि कथनक पुष्टि लोरिक विजय' उपन्यासक
आधार पर करू।
“राजकमल चौधरीक कथाक संगति-विसंगति جج नहि अपितु ओहि समाजक संगति-विसंगति થિ जाहिमे ओ
रहैत छलाह।'' "कृति राजकमलक' पठित कथाक आधार पर एहि கக் सिद्ध करू।
कथा संग्रहक कथा सभहक आधार पर मैथिली कथामे विषय-वस्तुक वैविध्यकै फडीछ करू।
“faa रहब पहिने जरूरी છેજ संसारमे। तखन लोक-लाज। नीक ਕੇਗਧ। ` पृथ्वीपुत्र' उपन्यासक आधार पर एहि
कथनक पुष्टि करू।
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SLPM-D-MTLI/19 4 26BS—84

