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Previous Year Question Paper

QP CSM 2024 Hn P II Lite 03102024

Pages6
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Civil Services (Main) Examination, 2024 PHKM-B-HND हिन्दी / HINDI प्रश्न-पत्र 11 / Paper 11 ( साहित्य ) / (LITERATURE ) निर्धारित समय : तीन घटे अधिकतम अंक : 250 Time Allowed : Three Hours Maximum Marks : 250 प्रश्न-पत्र सम्बन्धी विशेष अनुदेश कृपया ୪୪୩7 के उत्तर देने से पूर्व निम्नलिखित प्रत्येक अनुदेश को ध्यानपूर्वक पढ़ें : ‏جج‎ आठ মলে हैं जो दो खण्डों में विभाजित हैं तथा हिन्दी में छपे हैं / परीक्षार्थी को कुल पाँच 777 के उत्तर देने हैं | प्रश्न सख्या 1 और 5 अनिवार्य हैं तथा बाकी মংলা છે છે प्रत्येक खण्ड से कम-से-कम एक प्रश्‍न चुनकर किन्हीं तीन प्रश्नों के उत्तर दीजिए / प्रत्येक 7೫7/77 के अंक उसके सामने दिए गए हैं | ग्नो के उत्तर हिन्दी (देवनागरी लिपि) में ही लिखे जाएँगे | ‏ہر‎ में शब्द सीमा, जहाँ 57 है, का अनुसरण किया আনা चाहिए / प्रश्नों के उत्तरें की गणना ‏وہ‎ की जाएगी | यदि काटा नहीं हो, तो ‏جج‎ के उत्तर की गणना की जाएगी चाहे वह उत्तर अशतः दिया गया हो / 7೫-೫೫-3೫ (क्यू, सी. ೪) पुस्तिका में खाली छोड़ा हुआ ୨୫ या उसके अंश को स्पष्ट रूप से काटा जाना चाहिए / Question Paper Specific Instructions Please read each of the following instructions carefully before attempting questions : There are EIGHT questions divided in TWO SECTIONS and printed in HINDI. Candidate has to attempt FIVE questions in all. Questions No. 1 and 5 are compulsory and out of the remaining, any THREE are to be attempted choosing at least ONE question from each section. The number of marks carried by ൦ question/part is indicated against it. Answers must be written in HINDI (Devanagari Script). Word limit in questions, wherever specified, should be adhered to. Attempts of questions shall be counted in sequential order. Unless struck off, attempt of a question shall be counted even if attempted partly. Any page or portion of the page left blank in the Question-cum-Answer (QCA) Booklet must be clearly struck off: PHKM-B-HND 1 ౧1. निम्नलिखित सभी प्रश्नों के उत्तर दीजिए (उत्तर स्वयं की भाषा में लिखिए) : SECTION A निम्नलिखित की सप्रसंग व्याख्या लगभग 150 शब्दों में कीजिए : (a) (b) (০) (6) (6) बिरह 3181 तनु तूल समीरा | स्वास जरइ छन মাহি सरीरा ।। नयन ୩୩୮ जलु निज हित लागी | wt न पाव देह बिरहागी । | हा दैव ! अब वे दिन कहाँ हैं और वे रातें कहाँ ? हैं काल की घातें कि कल की आज हैं बातें कहाँ ? क्या थे તથા अब क्या हुए हम, जानता बस काल है; भगवान्‌ जाने, काल की कैसी निराली चाल है ! ।। महानृत्य का विषम सम, अरी अखिल स्पंदनों की तू माप, तेरी ही विभूति बनती है सृष्टि सदा होकर अभिशाप | अति-प्रफुल्लित कंटकित तन-मन वही करता रहा अनुभव कि नभने भी विनत हो मान ली है श्रेष्ठता उसकी ! ! छोटे-छोटे मोती जैसे उसके शीतल तुहिन कणों को, मानसरोवर के उन स्वर्णिम कमलों पर गिरते देखा है । ९2. निम्नलिखित सभी प्रश्नों के उत्तर दीजिए : (a) (b) (০) PHKM-B-HND 10x5=50 10 10 10 10 10 गोस्वामी तुलसीदास रचित “कवितावली* के उत्तरकांड के आधार पर उनकी भक्ति-भावना का स्वरूप स्पष्ट कीजिए | 20 “कबीर वाणी के डिक्टेटर ই - इस अभिमत के परिप्रेक्ष्य में कबीर की भाषा पर विचार कीजिए | बिहारी के विरह-वर्णन की मार्मिकता पर प्रकाश डालिए | 2 15 15 ९3. निम्नलिखित सभी प्रश्नों के उत्तर दीजिए : (३) निराला" रचित राम की शक्ति पूजा के शिल्प-विधान की समीक्षा कीजिए ۱ യ “साध्य वीणा के परिप्रेक्ष्य में ୮୩୪୮ के काव्यगत वैशिष्ट्य पर प्रकाश डालिए | (८) नागार्जुन के काव्य-वैविध्य पर सोदाहरण प्रकाश डालिए | ৫4. निम्नलिखित सभी प्रश्नों के उत्तर दीजिए : (৪) सूरदास के என்னன की “भ्रमरगीत सार* के आधार पर समीक्षा कीजिए | (b) कुरुक्षेत्र के आधार पर दिनकर” की युग-चेतना पर प्रकाश डालिए | (০) नागार्जुन रचित अकाल और उसके নাহ” की प्रासंगिकता पर प्रकाश डालिए ١ PHKM-B-HND 3 20 15 20 15 15 SECTION B ९5. निम्नलिखित सभी प्रश्नों के उत्तर दीजिए : निम्नलिखित की सप्रसंग व्याख्या लगभग 150 शब्दों में कीजिए : (8) (b) (0) (d) (e) PHKM-B-HND विपन्नता के इस अथाह सागर में सोहाग ही वह तृण था, जिसे पकड़े हुए वह सागर को पार कर रही थी । इन असंगत शब्दों ने यथार्थ के निकट होने पर भी, मानो झटका दे कर उसके हाथ से वह तिनके का सहारा छीन लेना चाहा । बल्कि यथार्थ के निकट होने के कारण ही उनमें इतनी वेदना-शक्ति आ गई થી । वह संसार के सुख-दुःख अनुभव करता है । अनुभूति और विचार ही उसकी शक्ति है । उस अनुभूति का ही आदान-प्रदान वह देवी से कर सकता है । वह संसार के धूल-धूसरित मार्ग का पथिक है । उस मार्ग पर देवी के नारीत्व की कामना में वह अपना पुरुषत्व अर्पण करता है । वह आश्रय का आदान-प्रदान चाहता है | नीलोत्पल ! नहीं-नहीं ! यह अँधेरा नहीं रहेगा । मानवता के पुजारियों की सम्मिलित વાળી गूँजती है - पवित्र वाणी ! उन्हें प्रकाश मिल गया है । तेजोमय ! ક્ષત-વિક્ષત पृथ्वी के ঘান पर शीतल चंदन लेप रहा है । प्रेम और अहिंसा की साधना सफल हो चुकी है । फिर कैसा भय ! आज तक वे भीतरी उबाल और बाहरी दबाव के बीच टुकड़े-टुकड़े हो कर हमेशा घुटने ही टेकते आए हैं । हर बार दिनेश को लड़ाई के मैदान में ले तो ज़रूर गए हैं, पर जैसे ही गोलियाँ चली हैं, उसे वहीं छोड़कर भाग आए हैं - अकेला, निहत्था । वह गोलियों की बौछार से लहूलुहान होता रहा है और ये खुद एक असह्य अपराध-बोध से | ... जैसे कहीं बहुत दूर बरफ की चोटियों से परिन्दो के झुंड नीचे अनजान देशों की ओर उड़े जा रहे हैं | इन दिनों अक्सर उसने अपने कमरे की खिड़की से उन्हें देखा है - धागे से बँधे चमकीले ‏جم[‎ की तरह वे एक लम्बी टेढ़ी-मेढ़ी कतार में उड़े जाते हैं | 10x5=50 10 10 10 10 Q6. ૦7. 08. निम्नलिखित सभी प्रश्नों के उत्तर दीजिए : (੩) आषाढ का एक दिन के आधार पर मोहन राकेश की नाट्य-कला की समीक्षा कीजिए | 00 ‘Fen आँचल' के आधार पर फणीश्वरनाथ रेणु" की कथा-भाषा की समीक्षा कीजिए | (০) னைக आधार पर यशपाल की विचारधारा पर प्रकाश डालिए | निम्नलिखित सभी प्रश्नों के उत्तर दीजिए : (੩) गोदान* के कथा-विधान की समीक्षा कीजिए | 09) भारत-दुर्दशा' की प्रासंगिकता पर प्रकाश डालिए ۱ (८) காண के आधार पर जयशंकर प्रसाद की राष्ट्रीय -चेतना पर प्रकाश डालिए ١ निम्नलिखित सभी प्रश्नों के उत्तर दीजिए : (8) ‘ORY कहानी के आधार पर निर्मल নমা की कहानी-कला की समीक्षा कीजिए | (2) श्रद्धा ओर भक्तिः निबंध के आधार पर रामचन्द्र शुक्ल की गद्य-शैली की समीक्षा कीजिए | (८) “राजेन्द्र यादव एक प्रयोगधर्मीं कहानीकार हैं” - इस कथन की ಇಗೆ कहानी के आधार पर तर्कसंगत दृष्टि से विचार कीजिए । PHKM-B-HND 5 20 15 15 20 15 15 20 15
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